फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर इसकी सिल्वर जुबली सेलिब्रेट की गई। इस मौके पर सनी देओल, अमीषा पटेल, डायरेक्टर अनिल शर्मा और फिल्म की अन्य कास्ट एक साथ नजर आई। कार्यक्रम में सनी देओल ने केक काटा और अमीषा पटेल के साथ फोटो खिंचवाईं। सनी ने अमीषा और अनिल शर्मा को केक खिलाकर फिल्म के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया। अमीषा पटेल का लुक भी चर्चा में रहा। वह इस मौके पर लहंगा-चोली और दुपट्टे के साथ भारतीय पहनावे में नजर आईं। वहीं इवेंट के दौरान पैपराजी ने कहा कि AI का जमाना है और इससे इन्हें भी जवान किया जा सकता है। जिस पर अमीषा ने सनी देओल की ओर हाथ पॉइंट करते हुए कहा, “ये अभी भी जवान हैं।” देखें सेलिब्रेशन की तस्वीरें-
2001 में रिलीज हुई थी गदर सनी देओल और अमीषा पटेल स्टारर फिल्म गदर 15 जून 2001 को रिलीज हुई थी। फिल्म का क्रेज इतना ज्यादा था कि सिनेमाघरों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लग जाती थीं। उसी दिन आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ भी रिलीज हुई थी, हालांकि क्लैश के बावजूद दोनों फिल्मों ने शानदार प्रदर्शन किया। 18 करोड़ रुपए के बजट में गदर बनी थी करीब 18 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 133 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की थी। वहीं, इसके दूसरे पार्ट ‘गदर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर कुल 691 करोड़ रुपए से अधिक का शानदार वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था। जिसका बजट 60 करोड़ रुपए था। फिल्म में सनी देओल का तारा सिंह और अमीषा पटेल का सकीना का किरदार दर्शकों के बीच आज भी फेमस है। फिल्म का निर्देशन अनिल शर्मा ने किया था। इसमें अमरीश पुरी ने सकीना के पिता की भूमिका निभाई थी। सिल्वर जुबली पर अमरीश पुरी को याद किया गया फिल्म की सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन के दौरान सनी देओल ने अमरीश पुरी को याद करते हुए कहा, “अमरीश जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।” डायरेक्टर अनिल शर्मा ने कहा, “जब तक ‘गदर’ का नाम रहेगा, तब तक अमरीश पुरी जी भी इससे जुड़े रहेंगे। उनकी यादें हमेशा इस फिल्म का हिस्सा रहेंगी।” वहीं अमीषा पटेल ने कहा, “हम अमरीश पुरी जी को बहुत मिस करते हैं।” यह खबर भी पढ़ें… मां के गहने बेचकर बनाई पहली फिल्म:‘गदर’ बनाने पर कहा गया ‘गटर’, 100 बार डिस्ट्रीब्यूटर्स के आगे हाथ-पैर जोड़े; फिर 800 करोड़ का रचा इतिहास फिल्म गदर को लेकर डायरेक्टर अनिल शर्मा ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में कहा था कि ‘गदर’ से पहले मैंने कश्मीर के बैकग्राउंड पर फिल्म बनाने की सोची। उन दिनों कश्मीर से पंडितों का पलायन हुआ था। मैंने फिल्म का नाम ‘कश्मीर’ सोचा था। मैं इस कहानी में दिलीप साहब और धर्मेंद्र जी को लेने वाला था। दिलीप साहब के किरदार का नाम और काम दोनों तय कर लिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…